संभावित फैसले को लेकर अयोध्या में लगाई गई धारा 144
1992 से चला रहा अयोध्या विवाद अब संभावित तौर पर समाप्त होने की ओर अग्रसर है। 17 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को अपनी सभी दलीलें रखने के लिए आदेश दिए हैं। ऐसे में 17 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद को लेकर सुनवाई चलेगी। इसके बाद दीपावली के बाद 17 नवंबर तक सुप्रीम कोर्ट इस पर अपना निर्णय दे सकता है।
राम जन्मभूमि विवाद पर संभावित फैसले को लेकर अयोध्या में 10 दिसंबर तक धारा 144 लगा दी गई है। यह धारा 144 सुरक्षा की दृष्टि से लगाई गई है। राजस्थान महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं के अंदर जोश है और वह राम मंदिर के लिए तराशे गए पत्थर को श्रद्धा के भाव से देख रहे हैं। जल्द ही राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा इसकी आस लगाई जाने लगी है।
संभावित फैसले को लेकर तेज है अटकलें
17 नवंबर तक सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। यह माना जाने लगा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जल्द ही अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू होगा। यह राम मंदिर उसी तरह बनाया जाएगा जैसे अयोध्या के कारसेवक पुरम में राम मंदिर का मॉडल रखा गया है। यह राम मंदिर मॉडल 21 फीट लंबा 11 फीट चौड़ा और 9 फीट ऊंचा है। मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास जी का कहना है कि मंदिर के निर्माण में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
मॉडल देखने वाले लोगों की संख्या में अचानक हुआ इजाफा
मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने बताया कि पहले कारसेवक पुरम में रखे गए राम मंदिर मॉडल को देखने के लिए दिन भर में औसतन 400 लोग आते थे। मगर अब यह आंकड़ा 600 लोगों तक पहुंच गया है। इसके अलावा यहां पर आने वाले श्रद्धालु जो से जय श्री राम का उद्घोष करते हुए आगे बढ़ते हैं। श्रद्धालुओं के मन में तराशे गए पत्थरों के प्रति श्रद्धा भाव उभर आया है।
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